The Subconscious Mind Diaries






मैं इसका क्या जवाब देता। इसी बीच कम्बख्त दुर्ज़न माली भी अपनी फटी हुई पाग संभालता, हाथ मे कुदाल लिए हुए दौड़ता हुआ आया और सर को घुटनों से मिलाकर महाराज को प्रणाम किया महाराजा ने जरा तेज लहजे में पूछा—यह तेरी लड़की हैं?

It interprets and acts on the predominating views that reside within just your mindful mind, and its objective will be to bring in situations and predicaments that match the photographs you might have within.

'Will' is the fact that part of us that moves us to respond passively or actively to your provided problem. Conversely, we are able to use our 'Will' voluntarily by currently being conscious of it or involuntarily by subconsciously using some actions which are deemed advantageous to us.

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सुमति खुद को बार बार आईने में निहार रही थी. इतनी सेक्सी नाभि और कमर पे कौन अपनी साड़ी की प्लेट नहीं पहनना चाहेगी भला?

Hypnosis is usually a therapy that actually works While using the Subconscious mind mainly because it permits the person to obtain a point out of utmost relaxation. The Subconscious mind is easier to obtain once you are In this particular point out because the Aware mind has the capacity to launch its grip.

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सुमति अब भी घबरायी हुई थी. उसकी दिल की धड़कने बहुत तेज़ चल रही थी. और सांसें बहुत गहरी. उसने गौर से अपनी आँखों के सामने खड़े इस आदमी को देखा. और उसे जल्द ही समझ आ गया कि चैतन्य कोई और नहीं… बल्कि वही लड़की है जिससे सुमति की शादी होने वाली थी. कम से कम चेहरा तो मेल खाता था. जब सुमति अचानक ही औरत बन सकती है तो वो लड़की भी अचानक ही आदमी बन सकती है. अब तो इस दुनिया में कुछ भी हो सकता था.

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औरत का बदन भी एक पहेली की तरह होता है जिसे सुलझाना होता है. हर एक अंग पर स्पर्श एक बिलकुल अलग अहसास उस औरत में जगाता है. तभी तो आदमी औरत को हर जगह छूना चाहते है क्योंकि हर स्पर्श से वो औरत कुछ नए अंदाज़ में लचकती है, मचलती है. और सुमति के लिए तो ये स्पर्श का आनंद कुछ अधिक ही था. अब तो वो खुद एक औरत के जिस्म में थी. अपने खुद के स्पर्श से ही उसे आनंद मिल रहा था जैसा उसने पहले कभी अनुभव नहीं की थी. और इसलिए उसके अन्दर खुद को छूकर देखने की जिज्ञासा बढती जा रही थी. वो धीरे धीरे अपने तन पर अपनी उँगलियों को सहलाते हुए अपने हर अंग में छुपे हुए आनंद को भोगना चाहती थी.

बड़े भाई के रूप में भी सुमति अपने छोटे भाई रोहित को हमेशा से ही प्यार करती थी और उसका ध्यान रखती थी.

यह तीर लक्ष्य पर बैठा, खामोशी की मुहर टूट गयी, बातचीत का सिलसिला क़ायम हुआ। बांध में एक दरार हो जाने की देर थी, फिर तो मन की उमंगो ने खुद-ब-खुद काम करना शुरु किया। मैने जैसे-जैसे जाल फैलाये, जैसे-जैसे स्वांग रचे, वह रंगीन तबियत के लोग खूब जानते हैं। और यह सब क्यों? मुहब्बत से नहीं, सिर्फ जरा देर दिल को खुश करने के लिए, सिर्फ उसके भरे-पूरे शरीर और भोलेपन पर रीझकर। यों मैं बहुत नीच प्रकृति का आदमी नहीं हूँ। रूप-रंग में फूलमती का इंदु से मुकाबला न था। वह सुंदरता के सांचे में ढली हुई थी। कवियों check here ने सौंदर्य की जो कसौटियां बनायी हैं वह सब वहां दिखायी देती थीं लेकिन पता नहीं क्यों मैंने फूलमती की धंसी हुई आंखों और फूले हुए गालों और मोटे-मोटे होठों की तरफ अपने दिल का ज्यादा खिंचाव देखा। आना-जाना बढ़ा और महीना-भर भी गुजरने न पाया कि मैं उसकी मुहब्बत के जाल में पूरी तरह फंस गया। मुझे अब घर की सादा जिंदगी में कोई आनंद न आता था। लेकिन दिल ज्यों-ज्यों घर से उचटता जाता था त्यों-त्यों मैं पत्नी के प्रति प्रेम का प्रदर्शन और भी अधिक करता था। मैं उसकी फ़रमाइशों का इंतजार करता रहता और कभी उसका दिल दुखानेवाली कोई बात मेरी जबान पर न आती। शायद मैं अपनी आंतरिक उदासीनता को शिष्टाचार के पर्दे के पीछे छिपाना चाहता था।

“जुग जुग जियो बेटी!”, उसके ससुर प्रशांत ने उसे आशीर्वाद दिया. “बेटी तुम्हारी जगह मेरे कदमो में नहीं get more info मेरे दिल में है.”, उसकी सास कलावती ने नज़र उतारते हुए सुमति को फिर गले से लगा लिया. गले लगाते ही सुमति को माँ का प्यार महसूस हुआ. सुमति के चेहरे पर एक ख़ुशी भरी मुस्कान थी. उसे ऐसा अनुभव तो मधुरिमा के साथ भी होता था जो उसकी क्रॉस-ड्रेसर माँ थी.

Data filtering. If our mindful minds had to cope with The 2-million bits of information we encounter every waking 2nd, we might be right away overcome, paralyzed because of the sheer volume of data. Guiding the scenes our subconscious mind proficiently filters out all needless facts, ensuring only A very powerful and suitable nuggets allow it to be to your surface.

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